आध्यात्मिक रूप से प्रगति करने में अहिंसा, सच्चाई, पवित्रता, नम्रता और निष्काम सेवा के सद्गुण हमारी बहुत सहायता करते हैं। — परम पूज्य संत राजिंदर सिंह जी महाराज